दोस्तो हम आज छत्तीसगढ़ के बारे में कुछ रोचक बातें बताने जा रहे है , जो कुछ लोगो को पता होगी और कुछ लोगो को नही तो दोस्तो हम चलते है छत्तीसगढ़ के रोचक तथ्यों के बारे में जानने।
1.) इस क्षेत्र का प्राचीन नाम दक्षिण-कौसल है। मध्यकाल में इस क्षेत्र के प्रमुख शासकों ने 980 से 1741 ईस्वी के लिए कालपुर की रचना की। चोल राजवंश ने 11 वीं शताब्दी में इस क्षेत्र के कुछ भाग पर आक्रमण किया और शासन किये।
पूर्व आधुनिक काल के दौरान यह क्षेत्र मराठों (नागपुर) के नियंत्रण में था। इसके बाद इसका नियंत्रण 1845 से 1947 के बीच ब्रिटिश के पास था।
छत्तीसगढ़ भारत का 26 वां राज्य है और यह 1 नवंबर, 2000 को मध्य प्रदेश से अलग कर के तैयार किया गया।
छत्तीसगढ़ (Chhatisgarh) भारत के 29
से एक है जो देश के केंद्र-पूर्व में स्थित है. Chhatisgarh भारत का दसवां सबसे बड़ा राज्य है जिसका क्षेत्रफल 135,191 वर्ग किलोमीटर का है. छत्तीसगढ़ की जनसंख्या 2.55 करोड़ लोगों की है. छत्तीसगढ़ भारत देश का 16 वां सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है. आज हम आपको छत्तीसगढ़ से जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताएंगे जो आपने पहले नहीं सुने होंगे.
2.) छत्तीशगढ़ राज्य 7 सीमाओ के घिरा हुआ है,उत्तर में उत्तर प्रदेश,पुरवोउत्तर में झारखंड,पूर्व में उड़ीशा, दक्षिण में आंध्रप्रदेश,दक्षिण पश्चिम में तेलंगाना, पश्चिम में महाराष्ट्र और मध्य में मध्यप्रदेश। छत्तीशगढ़ के सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा ( जिला -बलरामपुर) - 1225 मी. ऊंची है। छत्तीसढ़ में 20 प्रतीशत जनसंख्या शहरी इलाकों में रहती है और वहीं यहां के बाक़ी लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं.
3.) छत्तीसगढ़ राज्य उच्चतम अनुसूचित जनजाति (आदिवाशी) की आबादी वाला एक राज्य है।अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगो की जनसंख्या राज्य की 50% जनसंख्या का हिस्सा हैं। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ प्राचीन काल में विभिन्न संस्कृतियों का केंद्र रहा है. यहां के प्राचीन मंदिर और उनके भग्नावशेष इस बात का प्रमाण है कि हिंदु संस्कृति के अलावा यहां पर बौद्ध संस्कृति का भी काफी गहरा प्रभाव रहा है.
छत्तीसगढ़ में करीब 93 प्रतीशत जनसंख्या में हिंदु है, इसके अलावा मात्र 2 प्रतीशत इस्लाम, 1 प्रतीशत ईसाई और बाक़ी अन्य धर्मों को मानने वाले हैं.
4.) पांडवानी एक गीत-संगीत है और महाभारत की घटनाओं का एक मिश्रित वर्णन है।तेजन बाई एक लोकप्रिय पांडवानी लोक कलाकार है।यह गीत छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है।
पंडवानी गायिका तीजन बाई
5.) भारत में 10 वां सबसे बड़ा राज्य। छत्तीसगढ़ भारत में फसल के उत्पादन में नंबर 1 की श्रेणी में है, इसे “धान का कटोरा” के नाम से भी जाना जाता है । छत्तीसगढ़ में ही तेंदू के पत्तो का बड़ी मात्रा में उपयोग बीड़ी बनाने के लिए भी किया जाता है। 10 छत्तीसगढ़ी और 6 गोंडी भाषा बोलने वाले जिलों को विभाजित करके स्थापित किया गया था. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर है और इस राज्य में 27 जिले हैं.
6.) छत्तीसगढ़ को राष्ट्र में लौह अयस्क उत्पादन में तीसरा स्थान प्राप्त है । बी.एस.पी (भिलाई स्टील प्लांट) को देश का Best Steel Plant in Country के लिए प्रधान मंत्री के द्वारा 10 बार पुरस्कार प्राप्त है । देश में कुल इस्पात उत्पादन से 15% छत्तीसगढ़ में किया जाता है।
7.) भारत में सबसे बड़ी खुली खदान (Open Cast Mine) और साथ ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादन वाला राज्य छत्तीसगढ़ जो प्रति वर्ष 35 मिलियन टन की उत्पादन क्षमता वाला है । भारत में सबसे पिछड़े क्षेत्र में से एक होने के बावजूद यह खनिजों और खनन गतिविधियों में समृद्ध है और राज्य में आर्थिक सुधार खनिज संसाधनों की उपलब्धता के द्वारा लाया गया हैं।
8.) छत्तीसगढ़ में 3 राष्ट्रीय उद्यान और 11 वन्य जीवन शताब्दियां हैं। छत्तीशगढ़ में पुराने मंदिरो और एतिहाशिक स्थानो में से अधिकांश महिला शक्ति से सम्बंधित है ।
· बम्लेश्वरी मंदिर (Bamleshawari Mata)
· दंतेश्वरी माता (Danteshwari Mata)
· महामाया मंदिर (Mahamaya Temple)
· चंदरपुर मंदिर (Chandarpur Mandir)
9.) छत्तीसगढ़ के बारे में एक सुंदर तथ्य यह भी है की भारतीय नियाग्रा के नाम से “प्रशिद्ध चित्रकूट जल प्रपात” छत्तीसगढ़ का झरना जो जगदलपुर जिले में स्थित है और इंद्रावती नदी पर है। मानसून के मौसम में इसकी काफी लंबी आकर के कारण इसे भारत की नियाग्रा नाम से भी जाना जाता है। इसकी आकर घोड़े की नाल जैसा प्रत्तित होता दिखाई पड़ता है।
10.) छत्तीसगढ़ के बारे में एक मनोरंजक या रोचक तथ्य यह भी है कि इसके मंदिरों में चित्रकला और मूर्तिकला के लिए विशिष्ट हैं। मान्यता है कि कबीरधाम जिले के भोरमदेव मंदिर 11 वीं शताब्दी में नागवंशी राजाओं के द्वारा निर्मित कराया गया था। अपनी श्रृंगारिक और कामुक मूर्तियों के कारण इसे छत्तीसगढ़ का खजुराहो भी कहा जाता है। पंथी, राऊत नाचा, कर्मा नाचा,सुआ नाचा राज्य की प्रमुख लोक नृत्य हैं।



























